अनावृष्टि अध्ययन

कृषि मौसम विज्ञान प्रभाग की अनुसंधान गतिविधियों पर वापस

1875 से रिकार्ड किए गए वर्षा आंकड़ों के विश्लेषण द्वारा भारत के विभिन्न भागों में अनावृष्टि घटना की संभाव्यता को निकाला गया है । जल उपलब्धता, मृदा आर्द्रता प्रतिबल, शुष्कता सूचकांक जैसे विभिन्न प्राचलों का अध्ययन किया गया है । अनावृष्टि का खरीफ मौसम में पाक्षिक आधार पर तथा दक्षिण प्रायव्दीप में उत्तर पूर्व मानसून में साप्ताहिक आधार पर व्युत्पन्न शुष्कता विसंगतियों द्वारा अनुविक्षित किया जाता है ।

वर्षा सूचकांकों पर आधारित अनावृष्टि पहचानने के लिए अध्ययन किए गए हैं । भारत में अनावृष्टि की घटना का अध्ययन, सामान्य से वर्षा विचलन (75 प्रतिशत से कम) के रुप में मानदंड, के उपयोग से किया गया है । देश के विभिन्न भागों में भी अनावृष्टि के अध्ययन किए गए तथा मार्कोव चेन माडल उपयोग से अनावृष्टि सूचकांक परिकलित किया गया और अनावृष्टि प्रवणता पहचानने के लिए इसी का उपयोग किया गया ।